Former CM Harish Rawat offers his resignation for all organisasational posts in congress/ हरीश रावत ने की पार्टी के संगठनात्मक पदों से इस्तीफे की पेशकश

हरीश रावत

देहरादून ।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने ट्विटर हैडल पर एक पोस्ट डालकर कांग्रेस संगठन में अपने सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है।

उन्होंने कहा कि उनके पूर्व ओएसडी और सहयोगी मोहित जीना के खिलाफ चल रही जांच और लगाए जा रहे आरोपों के बीच वह नहीं चाहते कि उनकी वजह से कांग्रेस के भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष पर कोई असर पड़े।

हरीश रावत ने जारी बयान में कहा कि मोहित जीना उनके ओएसडी रह चुके हैं,

और पार्टी तथा सरकार में उनके साथ विभिन्न जिम्मेदारियों में कार्य करते रहे हैं।

उन्होंने जीना को विनम्र और कार्यकुशल व्यक्ति बताते हुए कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण सामने आते हैं तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगा।

हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें इन आरोपों पर अभी विश्वास नहीं है।

रावत ने कहा कि उनके सहयोगी के यहां हुई कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल में एक विशेष नैरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं तथा राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।

ऐसे समय में वह नहीं चाहते कि उनके कारण पार्टी के आंदोलन या संघर्ष को कोई नुकसान पहुंचे।

कांग्रेस कार्यसमिति और प्रदेश कार्यकारिणी से हटने की घोषणा

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह किसी सरकारी पद पर नहीं हैं, इसलिए त्यागपत्र देने का प्रश्न नहीं उठता,

लेकिन वह उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य तथा कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारियों से हटना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी के संघर्ष को कमजोर होने से बचाने के लिए उन्होंने यह निर्णय पूरी विनम्रता के साथ लिया है।

भर्ती आयोगों के गठन पर दी सफाई

हरीश रावत ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर भी अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, मेडिकल भर्ती बोर्ड और शिक्षा भर्ती बोर्ड जैसी संस्थाओं का गठन किया गया था।

उन्होंने दावा किया कि उनके लगभग तीन वर्ष के कार्यकाल में 42 हजार से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां की गईं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी नियुक्ति या चयन प्रक्रिया में उनकी ओर से कोई “एरर ऑफ जजमेंट” हुई है तो वह इसके लिए राज्य के लोगों से क्षमा मांगते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *