
-यूआईआईडीबी जमीन मामले में सीएम ने तोड़ी चुप्पी, कांग्रेस को बताया नाराज फूफा
-कहा, निवेश और उद्योग के जरिए प्रदेश के युवाओं को मिल रहे रोजगार से विपक्ष परेशान
देहरादून, संवाददाता:
उत्तराखंड निवेश और औद्योगिक विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) द्वारा मानकों की अनदेखी कर सात हजार बीघे जमीन चुनिंदा औद्योगिक घरानों सौंपने संबंधी कांग्रेस के आरोपों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी चुप्पी तोड़ी है। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड हरी घास नहीं है कि कोई भी आएगा और चरकर चला जाएगा।
सोमवार को सचिवालय में विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा के बाद सीएम ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने कांग्रेस पर जमकर जुबानी हमले किए। सीएम ने कहा कि प्रदेश में विकास का कोई काम हो, निवेश आए या युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनें, इन्हें हर अच्छी पहल से परेशानी होने लगती है। कांग्रेस के नेताओं को ‘मियां’ ऐसे ही नहीं कहा गया है। जिनकी राजनीति लंबे समय तक परिवारवाद और तुष्टिकरण के इर्द-गिर्द घूमती रही, उन्हें आज पारदर्शिता, सुशासन और विकास की राजनीति रास नहीं आ रही है। कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है। यही कारण है कि राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से झूठ और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने शुद्धिकरण प्रकरण को जाति से जोड़ने के प्रयास पर कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर इस विषय पर भ्रम फैलाने और समाज को बांटने की कोशिश की। वास्तविकता यह है कि शुद्धिकरण और हवन जिहादी नारों के विरोध में किया गया था। UIIDB से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्था प्रदेश में निवेश बढ़ाने, आर्थिक गतिविधियों को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। लेकिन कांग्रेस को उत्तराखंड में आ रहा निवेश और युवाओं के लिए बन रहे रोजगार के अवसर भी रास नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश में लगभग 13 हजार एकड़ अतिक्रमित सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। इस कार्रवाई से भी कांग्रेस को परेशानी हो रही है। वहीं बनभूलपुरा में अतिक्रमण के विषय पर कांग्रेस की चुप्पी उसके दोहरे चरित्र को उजागर करती है। हरी चादर, नीली चादर यहां चादर, वहां चादर डालकर हजारों एकड़ जमीन कब्जाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि “देवभूमि की जमीन कोई हरी घास नहीं है कि कोई भी आए, चर कर चला जाए। उत्तराखंड की एक-एक इंच जमीन और देवभूमि के मूल स्वरूप की रक्षा के लिए हमारी सरकार पूरी दृढ़ता के साथ काम करती रहेगी।”
26 अक्टूबर से पहले होगा मानसून सत्र
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र 26 अक्टूबर से पहले होना है। सरकार के स्तर पर इसकी तैयारी पूरी कर ली गयी है। जल्द ही आपसी बातचीत के जरिए समय और सत्र आयोजन का स्थान निर्धारित कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून सत्र में अनुपूरक बजट लाने की भी तैयारी है। वहीं ब्रिक्स सम्मेलन पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक और वैश्विक सम्मेलन का सफल आयोजन होना भारत के बढ़ते प्रभुत्व को दिखाता है।