
-मित्र देश भूटान के दो समेत वन सेवा के 111 अधिकारियों का प्रशिक्षण हुआ पूरा
-आईजीएनएफए निदेशक ने दी संस्थान के गौरवशाली अतीत व वर्तमान की जानकारी
देहरादून, संवाददाता:
शनिवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए) से वन सेवा के 2024 बैच के 111 प्रोबेशन अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूरा किया है। इसमें मित्र देश भूटान के भी दो अधिकारी शामिल हैं। राजस्थान कैडर की प्रतीक्षा नानासाहेब काले को बैच की टॉपर घोषित किया गया है।
दीक्षांत समारोह के दौरान आईजीएनएफए के निदेशक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद खजूरिया ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि पूर्व में इंडियन फॉरेस्ट कॉलेज और वर्तमान में इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के रूप में यह संस्थान वर्ष 1938 से देश की सेवा कर रहा है। उन्होंने बताया कि स्वतंत्र भारत के सभी भारतीय वन सेवा अधिकारियों तथा 14 मित्र देशों के 369 वन अधिकारियों ने अब तक इस संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 की परिकल्पना के अनुरूप संशोधित पाठ्यक्रम पर आधारित 20 माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय वन सेवा के 2024 बैच के 109 परिवीक्षाधीन अधिकारियों तथा भूटान के दो अधिकारी प्रशिक्षुओं सहित कुल 111 अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूर्ण किया। इनमें से 75 अधिकारियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर ऑनर्स डिप्लोमा अर्जित किया। निदेशक ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में कक्षीय अध्ययन के साथ-साथ वानिकी, वन्यजीव प्रबंधन, पर्यावरणीय सुशासन, उन्नत प्रौद्योगिकी तथा नेतृत्व विकास पर विशेष बल दिया गया। कुल प्रशिक्षण अवधि का लगभग 45 प्रतिशत भाग देश के विविध पारिस्थितिक क्षेत्रों में आयोजित क्षेत्रीय अभ्यासों, अध्ययन भ्रमणों एवं साहसिक गतिविधियों को समर्पित रहा। परिवीक्षार्थियों ने विशेष वैकल्पिक पाठ्यक्रमों, स्वतंत्र शोध तथा वन प्रबंधन एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक अभ्यासों में भी भाग लिया, जिसमें देश के अग्रणी संस्थानों का सहयोग एवं विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने पास आउट होने वाले अधिकारियों से पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा वनाश्रित समुदायों की आजीविका के संवर्धन हेतु कार्य करने का आह्वान किया।
समारोह में उत्कृष्ट उपलब्धियां प्राप्त करने वाले परिवीक्षार्थियों को विभिन्न पुरस्कार एवं पदक प्रदान किए गए। बैच टापर रही प्रतीक्षा नाना साहेब ने दो मुख्य पुरस्कार, एजीएमयूटी कैडर की सना फयाज ने सर्वाधिक पांच पुरस्कार और छत्तीसगढ़ कैडर के कुनाल मिश्रा ने तीन पुरस्कार जीते।
दीक्षांत समारोह में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार, वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव सुशील कुमार अवस्थी, चेयरमैन-सीईसी सी.पी. गोयल, अपर वन महानिदेशक संतोष तिवारी, अपर वन महानिदेशक रमेश कुमार पाण्डेय, अपर सचिव अमनदीप गर्ग, महानिदेशक, आईसीएफआरई कंचन देवी, निदेशक, आईजीएनएफए डॉ. राजेन्द्र प्रसाद खजूरिया, अपर निदेशक, आईजीएनएफए एन.सी. सरवणन, वन महानिरीक्षक डॉ. वी. क्लेमेंट बेन आदि मौजूद रहे।

किस कैडर के कितने प्रशिक्षु
अंडमान-1, आंध्र प्रदेश-दो, अरुणाचल प्रदेश—3, असम -पांच, भूटान-दो, बिहार-चार, छत्तीसगढ़-पांच, गोवा-एक, गुजरात-7, झारखंड-चार, कर्नाटक-चार, केरल-दो, मध्यप्रदेश-11, महाराष्ट्र-पांच, मणिपुर-दो, मेघालय-तीन, ओडिशा-छह, पंजाब-दो, राजस्थान-8, तमिलनाडु-पांच, तेलंगाना-चार, त्रिपुरा-एक, यूटी( डीएनडीडी)-एक, यूटी (जे एंड के)-सात, उत्तर प्रदेश-छह, उत्तराखंड-पांच, पश्चिम बंगाल- दो।
किसने जीता कौन सा पुरस्कार
गवर्मेंट आफ इंडिया प्राइज श्रेणी
सर्वांगीण उत्कृष्ट प्रदर्शन- प्रतीक्षा नाना साहेब काले-राजस्थान
सर्वश्रेष्ठ वानिक- प्रतीक्षा नाना साहेब काले- राजस्थान
मुख्य वानिक विषयों में टॉपर- कुनाल मिश्रा- छत्तीसगढ़
पी श्रनिवास स्मृति पुरस्कार- प्रतीक्षा नाना साहेब काले- राजस्थान
संजय कुमार सिंह स्मृति पुरस्कार- अंकन बोहरा- गुजरात
डोनर प्राइज
हिल स्मृति पुरस्कार- कुनाल मिश्रा- छत्तीसगढ़
डीसी अग्रवाल पुरस्कार- सना फयाज- एजीएमयूटी
ईपीजी वन्यजीव प्रबंधन पुरस्कार- प्रियदर्शनी एस- राजस्थान
आरएन माथुर पुरस्कार- कुनाल मिश्रा- छत्तीसगढ़
केपी सग्रेया पुरस्कार- सना फयाज- एजीएमयूटी
नीलगिरी वन्यजीव पुरस्कार- लोकेश मनोहर पाटिल- महाराष्ट्र
सुलोचना नायडू पुरस्कार- सना फयाज-एजीएमयूटी