
-प्रदेश मुख्यालय में हरीश रावत को चाय पिलाने का दावा करने वाली भाजपा ने बदला रुख
– कार्यालय को किया छावनी में तब्दील, तेग बहादुर रोड पर ही हरीश रावत को पुलिस ने रोका
देहरादून, 25 दिसम्बर
भाजपा कार्यालय के बाहर धरना देने का पूर्व सीएम हरीश रावत का कार्यक्रम अधूरा रहा। वह बीजेपी दफ्तर तो दूर बलवीर रोड भी नहीं पहुंच पाए। खास बात यह रही कि हरीश रावत के आने पर पार्टी कार्यालय में चाय पर उनका स्वागत करने का दावा करने वाली प्रदेश भाजपा के दफ्तर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। कांग्रेसी तो दूर भाजपा दफ्तर के चारों ओर के रास्ते इस तरह बंद कर दिए गए कि स्थानी निवासी भी कुछ घंटों के लिए बंधक जैसे बन गए।
हरीश रावत ने अपने इस धरना कार्यक्रम को एकांगी कहा था। यानी वह अकेले बीजेपी दफ्तर तक जाना चाहते थे। लेकिन समर्थकों ने उनका साथ नहीं छोड़ा। हरीश रावत के साथ सुरेंद्र अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, गरिमा दसौनी, सुमित भुल्लर, अभिनव थापर समेत काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता फव्वारा चौक पहुंचे। वहां से बलवीर रोड स्थित भाजपा दफ्तर की ओर जाने वाले सारे रास्ते पहले ही बंद कर दिए गए थे और भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। अपने समर्थकों के साथ हरीश रावत किसी तरह पैदल ही तेग बहादूर रोड पहुंचे। यहां भी पहले से बेरिकेडिंग लगी हुई थी। रास्ता नहीं मिलने पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में तीखी झड़प हुई और जोर आजमाइश भी। इसके बावजूद हरदा को तेगबहादुर रोड स्थित सन वैली स्कूल से आगे नहीं बढ़ने दिया। इसके बाद हरीश रावत और कांग्रेस के नेता- कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए। सीओ नेहरू कालोनी अजय कुमार के नेतृत्व में वहां मौजूद कई थानों की पुलिस ने हरीश रावत से कहा कि भाजपा कार्यालय में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन मनाया जा रहा है। ऐसे हालात में यदि कांग्रेसी वहां पहुंचेंगे तो कोई अप्रिय स्थिति पैदा हो सकती है। इसी बहाने कांग्रेसियों को वहां रोक दिया गया। जिस स्थान पर हरीश रावत धरने पर बैठे, वहां से बलवीर रोड के टी प्वाइंट की दूरी महज दो सौ मीटर थी। इस प्वाइंट से दो सौ मीटर आगे भाजपा प्रदेश मुख्यालय है। काफी मान मनौव्वल के बाद हरीश रावत और उनके साथ चार समर्थकों को सन वैली स्कूल से सौ मीटर आगे तक जाने की अनुमति दी गई। इस स्थान पर पहुंच कर हरीश रावत ने लाउडस्पीकर का माइक थामा और दो पन्नों पर लिखा अपना मांगपत्र पढ़ा। उन्होंने कहा कि मेरा उद्देश्य था कि मैं अपनी आवाज भाजपाइयों तक पहुंचाऊं। इसमें मैं सफल रहा।
अंकिता को न्याय के नाम पर धरना स्थगित
हरीश रावत ने कहा कि मांग पत्र पढ़ने के साथ उनका आज का धरना स्थगित हो चुका है। वह लगातार सात दिन यहां आने वाले थे। लेकिन चूंकि अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बड़ा खुलासा हुआ है और प्रदेश की बिटिया को न्याय दिलाने का काम सर्वोपरि है। इस कारण वह अपना आगे का धरना स्थगित करते हैं। पहले अंकिता भंडारी को न्याय दिलाउंगा।उसके बाद जनवरी माह में यदि तब तक भाजपा ने माफी नहीं मांगी तो फिर लगातार छह दिनों तक भाजपा दफ्तर के सामने धरना देंगे।