राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी चार दिवसीय केरल यात्रा पूरी कर कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वायुसेना के विशेष विमान से दिल्ली के लिए प्रस्थान किया. हवाई अड्डे पर राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर और देवास्वोम मंत्री वी. एन. वसावन ने उन्हें विदाई दी. अपनी यात्रा के दौरान, वह सबरीमाला मंदिर भी गईं, जहां वह प्रार्थना करने वाली पहली महिला राष्ट्रपति बनीं. कोट्टायम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का एक छोटा-सा कदम बच्चों के चेहरों पर बड़ी मुस्कान ले आया.
राष्ट्रपति मुर्मू अपनी एक दिवसीय यात्रा के दौरान, कोट्टायम जिले में कुमराकम की खूबसूरती का आनंद लेने के बाद आगे बढ़ रही थीं. तभी कुछ ऐसा हुआ जिसने सबके दिल छू लिए. इल्लिक्कल चंथक्कवाला में स्कूली बच्चे और स्थानीय लोग राष्ट्रपति के काफिले को देखने के लिए उत्साह से इकट्ठा हुए थे. बच्चों को देखकर उनकी गाड़ी धीरे-धीरे रुकी. राष्ट्रपति ने सबको चौंकाते हुए गाड़ी से उतरकर बच्चों की ओर कदम बढ़ाए.
सुरक्षा कर्मियों ने जब भीड़ को रोकने की कोशिश की, तो राष्ट्रपति ने उन्हें इशारे से हटने को कहा और बच्चों के पास पहुंचीं. उन्होंने बच्चों को चॉकलेट बांटी और स्थानीय लोगों के लिए एक यादगार पल बनाया. शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे कुमराकम से कोट्टायम की यात्रा के दौरान बच्चों से यह प्यारी मुलाकात हुई. कोट्टायम की अनोखी सुंदरता और बैकवाटर्स का आनंद लेने के बाद राष्ट्रपति कोच्चि के लिए रवाना हो गईं.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केरल की महिलाओं की खूब तारीफ की. कोच्चि में सेंट टेरेसा कॉलेज के शताब्दी समारोह के लोगो अनावरण के दौरान उन्होंने कहा कि केरल का लिंगानुपात देश में सबसे बेहतर है और अन्य राज्य इसे उदाहरण बना सकते हैं. उन्होंने कहा कि केरल की महिलाओं ने देश को नेतृत्व देने में मिसाल कायम की है.
राष्ट्रपति ने बताया कि संविधान सभा की 15 असाधारण महिलाओं में से तीन – अम्मू स्वामीनाथन, एनी मस्करेन और दक्षयानी वेलायुधन – केरल से थीं. जिन्होंने मौलिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और लैंगिक समानता पर चर्चा को प्रभावित किया. उन्होंने जस्टिस अन्ना चांडी और जस्टिस एम. फातिमा बीवी का भी जिक्र किया, जो क्रमशः देश की पहली महिला हाई कोर्ट जज और सुप्रीम कोर्ट जज बनीं.
राष्ट्रपति ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए महिलाओं की 70% कार्यबल भागीदारी जरूरी है. उन्होंने मलयालम में सभी को शुभकामनाएं देकर अपना भाषण समाप्त किया.