45 मिनट के भाषण में 17 बार जंगलराज, PM मोदी बोले- छर्रा, कट्टा, दोनाली वालों से सावधान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को जननायक कर्पूरी ठाकुर की धरती से विधानसभा के चुनाव प्रचार अभियान का बिगुल फूंकते हुए कहा कि बिहार जंगलराज लाने वालों से दूर रहेगा। पीएम ने महागठबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे जैसे लोगों को लड़ा रहे हैं, उससे साफ है कि फिर जंगलराज लाना चाहते हैं। पीएम बोले, अभी से छर्रा, कट्टा, दोनाली, घर से उठा लेने की धमकी दे रहे ठगबंधन वाले। उन्होंने कहा, इनसे सावधान, सतर्क रहना है।

प्रधानमंत्री जननायक के गांव से महज डेढ़ किमी दूर दूधपुरा हवाई अड्डा मैदान में आयोजित एनडीए की सभा में कर्पूरी की तस्वीर वाला गमछा डालकर पहुंचे। सभा से पहले पीएम कर्पूरी ग्राम गए और जननायक की प्रतिमा को नमन किया। सभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए की सरकार की वंचितों को वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता, गरीबों की सेवा के रास्ते पर चल रही है। जननायक हमारे लिए प्रकाश पुंज हैं। सामाजिक न्याय का उनका दिखाया रास्ता ही हमारी सरकार का सुशासन की प्रेरणा है।

पीएम ने कहा कि 11 साल में लोगों ने विभिन्न राज्यों में भाजपा को बार-बार अवसर दिया है। महाराष्ट्र ने पहले से प्रचंड जनादेश देकर हमारी सरकार बनाई। हरियाणा में तीसरे कार्यकाल के लिए पहले से अधिक सीटें दी। मध्यप्रदेश में भी हमें जबर्दस्त जीत मिली। यही रुझान गुजरात और उत्त्राखंड में भी रहा। गुजरात में दो दश्याक पुरानी सरकार को रिकॉर्ड जीत मिली। उत्तर प्रदेश जहां सत्ता बार-बार बदलती थी, वहां भी लोगों ने हमें दोबारा अवसर दिया। यह बताता है कि एनडीए यानि सुशासन, सेवा और विकास की गारंटी है। पीएम ने कहा, बिहार में भी नीतीश के नेतृत्व में एनडीए जीत के सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाला है। इस बार बिहार एनडीए को सबसे बड़ा जनादेश देगा।

राजग को निशाने पर लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2005 में अक्टूबर का महीना ही था जब बिहार को जंगलराज से मुक्ति मिली थी। नीतीश जी का सुशासन शुरू हुआ। उस दौर में केंद्र में कांग्रेस और आरजेडी की सरकार थी। केंद्र सरकार नीतीश जी की राह में दस साल तक रोड़े अटकाती रही। आरजेडी आपसे बदला लेती रही कि आपने नीतीश जी की सरकार क्यों बनाई। पीएम ने कहा, आरजेडी वाले कांग्रेस को धमकाते थे कि बिहार को बड़ी परियोजना दी तो हम समर्थन हटा लेंगे। नीतीश जी काम करते रहे और बिहार को बड़ी मुसीबत से निकाला।

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