बिहार में जारी चुनावी घमासान के बीच लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने बड़ा बयान दिया है। पीटीआई को दिए इंटरव्यू में उन्होने साफ कर दिया है कि मैं आरजेडी में लौटने से बेहतर मौत को चुनूंगा। मैं सत्ता का भूखा नहीं हूं। मेरे लिए सिद्धांत और आत्मसम्मान सर्वोपरि है। आपको बता दें तेज प्रताप को राजद सुप्रीमो ने कुछ महीनों पहले अपनी पार्टी और परिवार से 6 साल के लिए निष्कासित किया है। ये एक्शन तब हुआ जब उनकी कुछ फोटो और पोस्ट अनुष्का यादव (कथित गर्लफ्रेंड) के साथ सोशल मीडिया पर सामने आई थीं।
तेजस्वी यादव को महागठबंधन का सीएम फेस बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, कि राजनीति में तरह-तरह की घोषणाएं होती रहती हैं, लेकिन सत्ता वही पाता है, जिसे जनता का आशीर्वाद मिलता है। उन्होने उन्होंने सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को भी आड़े हाथों लिया और कहा, लोग अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की नापाक साजिशों में फंसने वाले नहीं है।
वहीं जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर टिप्पणी करते हुए तेज प्रताप ने कहा, वे व्यापारी हैं। जो संसाधन जुटाकर पार्टियों का प्रचार अभियान चलाते हैं। वही काम वे अब भी कर रहे हैं। महुआ क्षेत्र से अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए तेज प्रताप ने कहा, कि मैं राजनीति में आने से बहुत पहले से इस क्षेत्र से जुड़ा रहा हूं। लोग कहते हैं कि जब मैं विधायक था, तब वे खुश थे। क्योंकि उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाता था। अब वे कहते हैं कि उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। वहीं मौजूदा विधायक मुकेश रौशन को चुनौती के तौर पर नहीं देखते हैं। आपको बता दें एक बार फिर मुकेश रौशन महुआ से राजद प्रत्याशी हैं।
महुआ से नामांकन दाखिल करने के दौरान तेज प्रताप अपनी दादी के फोटो लेकर निकले थे, जिस पर उन्होने कहा कि उन्हीं के आशीर्वाद से मेरे पिता राजनीति में आगे बढ़े थे। वहीं माता- पिता के आशीर्वाद के सवाल पर उन्होने कहा कि काफी समय से हमारी बात नहीं हुई है, लेकिन मैं जानता हूं कि उनका आशीर्वाद मेरे साथ है। वहीं तेजस्वी के साथ पुराने रिश्ते को याद करते हुए कहा कि वह मेरा छोटा भाई है। उस पर मेरा आशीर्वाद हमेशा रहेगा। मैं उस पर सुदर्शन चक्र नहीं चला सकता।