
देहरादून.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि “मेरे लिए शासन का अर्थ केवल आदेश देना नहीं, बल्कि जनता की समस्या को समझ कर उसका त्वरित समाधान करना है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से हमने यह सुनिश्चित किया है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक शासन से वंचित न रहे। सीएम ने कहा कि सुशासन का मतलब है कि अधिकारी फाइलों में नहीं, बल्कि मैदान में दिखाई देने चाहिए ताकि जनता को न तो किसी का इंतजार करना पड़े और न हीं किसी सिफारिश की जरूरत पड़े।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्यभर में न्याय पंचायत स्तर पर चलाए जा रहे कार्यक्रम जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार के तहत बहुउद्देश्यीय शिविर आयोजित हो रहे हैं। इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही जनता की समस्याओं का निस्तारण कर रहे हैं और केंद्र तथा राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से पात्र नागरिकों लाभान्वित कर रहे हैं। सीएम का मानना है कि यह सुशासन का मॉडल होना चाहिए जहां जनता को अपनी जायज कार्रवाई के लिए किसी अधिकारी के दफ्तर के चक्कर न लगाना पड़े। इसी अवधारणा के तहत आयोजित हो रहे कार्यक्रम में अब तक प्रदेश के 13 जनपदों में 135 शिविरों का आयोजन कर 74,087 से अधिक नागरिकों के आवेदन मौके पर ही प्राप्त किए गए, जिनमें से 8,408 आवेदनों का तत्काल निस्तारण किया गया। इन शिविरों के माध्यम से 13,934 प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा 47,878 नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि बहुउद्देश्यीय शिविर के अतिरिक्त बुजुर्ग, दिव्यांग एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए घर-घर समाधान सुनिश्चित हो। शिविरों में प्राप्त हर आवेदन का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण किया जाए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।