मार्च 27 तक शुरू  हो जाएगा  सिल्क्यारा टनल में आवागमन / Silkyara tunnel will be functional till march 2027

-केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री  ने की उत्तराखंड से जुड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा

 

-मसूरी-देहरादून टनल समेत राज्य की प्रस्तावित कई सड़क परियोजनाओं पर मिली सहमति

 

देहरादून/ नई दिल्ली.

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मसूरी-देहरादून टनल समेत उत्तराखंड की कई प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। जिन छह सड़क परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है उसे दो महीने में अवार्ड कर दिये जाने का भी निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही राज्य में निर्माणाधीन सभी हाईवे के निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने के भी निर्देश केंद्रीय मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को दिए है। बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि सिल्क्यारा टनल का निर्माण कार्य दिसम्बर 2026 तक पूरे हो जाएंगे और मार्च 2027 तक इसे खोल दिया जाएगा।

सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए। इस दौरान सीएम ने ऋषिकेश बाईपास, अल्मोड़ा-दन्या-पनार-घाट मार्ग, ज्योलिकोट-खैरना-गैरसैंण-कर्णप्रयाग मार्ग और अल्मोड़ा-बागेश्वर-काण्डा-उडियारी बैंड मार्ग के निर्माण से संबंधित प्रस्तावों के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित राज्य के अनेक महत्वपूर्ण मामलों को प्रमुखता से उठाते हुए राज्य के प्रस्तावों को स्वीकृति दिए जाने का अनुरोध किया। सीएम ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि ऋषिकेश बाईपास परियोजना-राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-07 के अंतर्गत तीनपानी से योगनगरी होते हुए खारास्रोत तक 12.67 किमी लंबाई में चार लेन बाईपास का निर्माण प्रस्तावित है। जिसकी अनुमानित लागत 1161.27 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त श्यामपुर रेलवे क्रॉसिंग पर 318 करोड़ रुपये की लागत से 76 मीटर लंबाई का आरओबी प्रस्तावित किया गया है। जिससे नेपाली फार्म से ऋषिकेश नटराज चौक तक यातायात निर्बाध हो सकेगा। अल्मोड़ा-दन्या-पनार-घाट मार्ग-राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-309बी के 76 किमी लंबाई वाले हिस्से में 988 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से दो लेन चौड़ीकरण का प्रस्ताव किया गया है। इन सभी परियोजनाओं पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक सहयोग का आ‌श्वासन दिया और कहा कि दो महीने के अंदर इन्हें अवार्ड कर दिए जाएंगे। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, हर्ष मल्होत्रा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

मसूरी-दून कनेक्टिविटी पर खर्च होंगे चार हजार करोड़

सीएम ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मसूरी-देहरादून कनेक्टिविटी (40 किमी, 4,000 करोड़ रुपये), हरिद्वार-हल्द्वानी हाई-स्पीड कॉरिडोर (197 किमी, 10,000 करोड़ रुपये), ऋषिकेश बाईपास (13 किमी, 1,200 करोड़ रुपये), देहरादून रिंग रोड तथा लालकुआं-हल्द्वानी-काठगोदाम बाईपास जैसी परियोजनाएं तैयारी एवं डीपीआर चरण में हैं। इनसे गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों की आपसी कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी। पर्यावरणीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए राजाजी टाइगर रिजर्व जैसे क्षेत्रों में एलिवेटेड रोड, वाइल्डलाइफ अंडरपास और न्यूनतम भूमि उपयोग जैसे उपाय अपनाए जा रहे हैं, जिससे विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहे।

समीक्षा के बेहतर परिणाम आएंगे सामने

केंद्रीय मंत्री के साथ समीक्षा बैठक के बाद सीएम धामी ने मीडिया से कहा कि बैठक में उत्तराखंड की सभी सड़कों, टनलों, चार धाम परियोजनाओं , रोपवे आदि की विस्तृत समीक्षा की गई।केंद्रीय मंत्री ने निर्माणाधीन कार्यों को जल्द पूरा करने को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने या कोर्ट में विचाराधीन परियोजनाओं को लेकर जल्द उचित कार्रवाई की जाए।

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