वन महकमे की समीक्षा में विभागीय मंत्री ने मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने को ग्रामीणों से संवाद बढ़ाने के दिए निर्देश
-कहा, वनाग्नि से निपटने को अभी से हो तैयारी, विभागीय कार्य समय पर हो पूरे, शीतकालीन पर्यटन को बनेगी एसओपी
देहरादून, 16 दिसम्बर.
मानव वन्यजीव संघर्षों की रोकथाम को लेकर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा है कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और स्थानीय लोगों के साथ समन्वय बढ़ाकर ऐसी घटनाओं को न्यूनतम किया जाए। साथ ही उन्होंने वन सुरक्षा, संरक्षण और विकास से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। वन मंत्री ने कहा कि शासन स्तर पर जो भी निर्णय लिए जा रहे है उनको प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। कैम्पा योजना की धीमी प्रगति पर वन मंत्री ने असंतोष जताया और अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
वन मंत्री उनियाल ने मंगलवार को राजपुर रोड स्थित राज्य वन मुख्यालय में वन विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्य योजना पर अमल करने, शीतकालीन पर्यटन के लिए एसओपी तैयार करने, विभागीय कार्याे को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने और वनाग्नि की रोकथाम के लिए अभी से तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हक-हकूक समय सारणी एवं स्वीकृति प्रक्रिया की शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। कीड़ा जड़ी संरक्षण, विपणन एवं वानिकी उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्होंने ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। जायका एवं कैंपा योजनाओं के तहत वन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सरकार द्वारा पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया गया है। इसके बावजूद धरातल पर कुछ नहीं दिख रहा है। नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ निर्धारित समय सीमा में धरातल पर दिखाई दे। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग द्वारा तैयार की गई एसओपी को तुरंत लागू करते हुए शीतकालीन पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, वन विभाग के एचओएफ रंजन मिश्र, पीसीसीएफ बीपी गुप्ता, पीसीसीएफ कपील लाल, पीसीसीएफ सुबुधी आदि मौजूद रहे।